लाल चंदन 1फिट 1यूनिट 10 प्लांट रेट 1500
1500.00
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लाल चंदन (Red Sandalwood या Pterocarpus santalinus) दक्षिण भारत का एक अत्यधिक मूल्यवान और औषधीय पेड़ है। इसकी लकड़ी अपने गहरे लाल रंग, भारीपन और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में भारी कीमत के लिए जानी जाती है। सफ़ेद चंदन के विपरीत इसमें कोई सुगंध नहीं होती, लेकिन यह स्वास्थ्य और पूजा-पाठ में बहुत महत्वपूर्ण है।लाल चंदन के पौधे और इसकी खेती के बारे में मुख्य बातें इस प्रकार हैं:🌿 पौधे की मुख्य विशेषताएंरंग और महक: इसका बाहरी तना गहरे भूरे रंग का होता है, लेकिन अंदर की लकड़ी (Heartwood) गहरी लाल-भूरे रंग की होती है। इसमें कोई खुशबू नहीं होती।वृद्धि (Growth): यह एक धीमी गति से बढ़ने वाला पेड़ है जो 10 से 15 वर्षों में परिपक्व होता है। यह सामान्यतः 30 मीटर (लगभग 98 फीट) तक ऊँचा हो सकता है।🌤️ जलवायु और मिट्टीतापमान: इसे अच्छी तरह से बढ़ने के लिए 12°C से 35°C के बीच का गर्म तापमान और शुष्क जलवायु पसंद है।मिट्टी: इसके लिए अच्छी जल निकासी वाली दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है, जिसका pH मान 4.5 से 6.5 के बीच हो।🌾 खेती के लिए महत्वपूर्ण टिप्सहोस्ट प्लांट (Host Plant): लाल चंदन के पौधे को अकेले नहीं लगाया जाता, इसके साथ किसी अन्य पौधे (जैसे अरहर, सहजन, या कैजुरीना) को 'होस्ट' के रूप में लगाया जाता है। होस्ट पौधे की जड़ें लाल चंदन के पौधे को पोषण देने में मदद करती हैं।पानी: इसे ज़्यादा पानी की आवश्यकता नहीं होती। अत्यधिक पानी से इसकी जड़ें गल सकती हैं, इसलिए सूखी मिट्टी इसके लिए बेहतर है।अंतर: पौधों को आपस में 8 से 13 फीट की दूरी पर लगाना चाहिए।💊 औषधीय उपयोगआयुर्वेद: इसके तने और छाल का उपयोग त्वचा संबंधी रोगों, बुखार, घाव को ठीक करने, और रक्त शुद्धिकरण के लिए किया जाता है।उत्पाद: इसका इस्तेमाल हर्बल दवाइयां, सौंदर्य प्रसाधन और महंगी लकड़ी से फर्नीचर या वाद्ययंत्र बनाने में किया जाता है।
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